
भरतपुर क्षेत्र में हाथी का हमला: ग्रामीण की मौत, वन विभाग पर लापरवाही के आरोप
महुआ बीनने गए व्यक्ति पर जंगली हाथी का हमला • लगातार घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत

भरतपुर/भरतपुर क्षेत्र के जनकपुर परिक्षेत्र अंतर्गत खोहरा बीट में जंगली हाथी के हमले से एक ग्रामीण की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है, वहीं स्थानीय ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक प्रेमलाल (पिता अर्जुन) जंगल में महुआ बीनने गया था। इसी दौरान अचानक एक जंगली हाथी ने उस पर हमला कर दिया। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही उसकी मृत्यु हो गई।

घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जहां लोगों में आक्रोश देखा गया। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में हाथियों की लगातार मौजूदगी के बावजूद वन विभाग द्वारा समय पर चेतावनी जारी नहीं की जाती और न ही पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की जाती है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यदि हाथियों की गतिविधियों की पूर्व सूचना दी जाती, तो इस तरह की घटना को रोका जा सकता था। साथ ही यह भी कहा गया कि घटना के बाद वन विभाग की टीम के मौके पर पहुंचने में देरी हुई, जिससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई।

स्थानीय लोगों ने कोटवार एवं वन विभाग पर हाथियों की गतिविधियों की जानकारी समय पर साझा न करने का आरोप भी लगाया है। उनका कहना है कि इससे ग्रामीण अनजाने में जोखिम वाले क्षेत्रों में चले जाते हैं।
बताया जा रहा है कि पिछले छह महीनों में यह दूसरी घटना है, जब हाथी के हमले में किसी ग्रामीण की जान गई है। लगातार हो रही घटनाओं के चलते क्षेत्र में भय का वातावरण बना हुआ है और लोग जंगल जाने से भी डर रहे हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि हाथियों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाए, समय-समय पर चेतावनी जारी की जाए और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए। साथ ही मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग भी की गई है।
फिलहाल, घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है और लोग प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा कर रहे हैं।















